म्यूचुअल फंड कैसे काम करता है? How mutual funds work in Hindi

म्यूचुअल फंड कैसे काम करता है
दूसरा भाग – म्यूचुअल फंड कैसे काम करता है?
म्यूचुअल फंड सुनते ही आपके मन में क्या ख्याल आता है?
बोरिंग?
समझने में कठिन?
संभालने में  मुश्किल?
जी नहीं!!

म्यूचुअल फंड कैसे काम करता है? Mutual fund kaise kaam karta hain?

जब छोटे और बड़े निवेशक साथ मिलकर निवेश करते है तब बनता है ‘म्यूचुअल फंड’| इस निधि का प्रबंधन ‘असेट मैनेजमेंट कंपनी’ करती है| फिर आपके लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ‘फंड मैनेजर्स’ निगरानी से निवेश करते है| असेट मैनेजमेंट कंपनी के ट्रस्टी इस बात का  ख्याल रखते है की निवेशकों का धन सुरक्षित रहे|

असेट मैनेजमेंट कंपनी आपके पैसो का उपयोग  किस प्रकार करती है?

असेट मैनेजमेंट कंपनी आपकी राशि को स्टॉक्स, बॉन्ड, गोवर्नमेंट सिक्योरिटीज, फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करती है| परंतु, स्टॉक्स और बॉन्ड के मूल्य में उतार-चढाव होनेके कारण निवेशकों केलिए जोखिम बढ़ने की सम्भावना होती है| इस जोखिम को टालने केलिए वे आपकी राशि को अलग अलग सेक्टर में निवेश करते है, जैसे की फार्मा, ऑइल एंड गैस, आईटी, बैंकिंग, एविएशन, रियल एस्टेट, स्टील, आदि| तो किसी एक सेक्टर में दिक्कत आये तो बाकि सारे सेक्टर उसकी कमी पूरी कर सकते है|
‘डेट फंड्स’ और ‘इक्विटी इन्वेस्टमेंट’ का मेल सबसे श्रेष्ठ माना जाता है| इस मेल में इक्विटी के विकास और डेट फंड्स की स्थिरता के आधार पर आपको बेहतर रिटर्न्स प्राप्त होते है|
इसी कारण, म्यूचुअल फंड में निवेश करना, शेयर बाज़ार में निवेश करने से कई गुना फायदेमंद और कम जोखिम वाला है|

म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने के बाद?

जब आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते है तब आपको NAV (नेट असेट वैल्यू) के अनुसार यूनिट्स दिए जाते है| NAV आपके निवेश किये हुए एक यूनिट का प्रतिनिधित्व करता है| आपके संपूर्ण निवेश का मूल्य आपको NAV से गुणा करने पे प्राप्त होता है|
म्यूचुअल फंड में निवेश कैसे करे? Mutual fund me nivesh kaise kare?
म्यूचुअल फंड में निवेश आप दो प्रकार से कर सकते है , लम्प सम और SIP (सिस्टमॅटिक इन्वेस्टमेंट प्लान)| लम्प सम में आप एक साथ बड़ी राशि जमा करते है और SIP में आपने तय किये हुए महीनो तक छोटी छोटी राशि जमा करते है| इस तरह कोई भी म्यूचुअल फंड में आसानी से निवेश कर सकता है|
म्यूचुअल फंड परफॉर्मेंस? Mutual fund performance?
सारे फंड्स का Nifty या Sensex में से कोई एक तय किया हुआ ‘बेंचमार्क’ होता है| अपने म्यूचुअल फंड्स का परफॉरमेंस जानने के लिए आपको पहले ये जांचना होगा की वे बेंचमार्क के अनुसार कैसे परफॉर्म करते है| फंड मैनेजर्स बेंचमार्क को एनेलाइज कर के अपने फंड की परफॉरमेंस उससे बेहतर करते है| इस प्रकार जो फंड अपने बेंचमार्क से बेहतर परफॉर्म करे वह फंड अच्छा माना जाता है|

 

भाग १- म्यूचुअल फंड क्या हैं? – What is Mutual fund in Hindi 

 

                                   भाग ३- म्यूचुअल फंड के प्रकार- Types of Mutual Funds in Hindi

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