ग्रोथ या डिविडेंड | Growth vs Dividend option in Hindi

Growth vs Dividend option

चौथा भाग- ग्रोथ या डिविडेंड

म्यूचुअल फंड स्कीम में दो ऑप्शंस होते है, डिविडेंड और ग्रोथ | आगे डिविडेंड ऑप्शन दो अलग ऑप्शंस में विभक्त किया जाता है जो है, डिविडेंड रीइंवेस्टमेंट और डिविडेंड पेआउट| तो चलो इन ऑप्शंस के बारे में और जानते है|

ग्रोथ ऑप्शन | Growth option

इस ऑप्शन में, फंड प्रॉफिट बनाता है तो उस राशि को दुबारा इन्वेस्ट किया जाता है| यदि  फंड को प्रॉफिट हुआ तो NAV ऊपर चली जाती है परंतु फंड को अगर लॉस हुआ तो NAV भी निचे उतर जाती है| इसलिए जब फंड को प्रॉफिट हो तब अपने पैसे निकल लेना या इन्वेस्टमेंट को बेचना सही होता है |

डिविडेंड पेआउट ऑप्शन | Dividend payout option

इस ऑप्शन में, फंड का प्रॉफिट निवेशकों को डिविडेंड के रूप में प्रतिमास दिया जाता है| जब डिविडेंड घोषित किया जाता है तब फंड की NAV में उतार आजाता है|

डिविडेंड रीइंवेस्टमेंट ऑप्शन | Dividend Reinvestment option

इस ऑप्शन में जब डिविडेंड घोषित किया जाता है तब निवेशकों को प्रॉफिट कॅश की रूप में न देते हुए दे उनकी राशि का निवेश और ज़्यादा यूनिट्स में किया जाता है| इस तरह निवेशकों के यूनिट्स की संख्या भी बढ़ जाती है|

कौनसा ऑप्शन चुनना चाइए ? Growth vs Dividend option 

ग्रोथ ऑप्शन अपने नाम की तरह आपके निवेश को ग्रो करने में मदद करता है| यह ऑप्शन आपके प्रॉफिट को रीइन्वेस्ट करते है ताकि आपको बेहतर रिटर्न्स मिले|
डिविडेंड पेआउट ऑप्शन उन निवेशकों केलिए सही है जो मासिक वेतन पाने की चाह रखते है|
डिविडेंड रीइंवेस्टमेंट ऑप्शन ग्रोथ ऑप्शन के सामान है परंतु दोनों के टैक्स में फरक है|

डिविडेंड रीइंवेस्टेड या ग्रोथ- इक्विटी फंड्स | Dividend Reinvestment or Growth- Equity funds

इक्विटी फंड्स में डिविडेंड पे कोई टैक्स नहीं लगता, इसलिए आप दोनों में से कोई भी ऑप्शन चुन सकते है|
परंतु रीइंवेस्टेड यूनिट्स आपको डिविडेंड जिस दिन घोषित होगा उस दिन मिलेंगे ईसीए आप ELSS (इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम) में निवेश करना टाले, क्योंकि ELSS में डिविडेंड की घोषणा के बाद अगले तीन सालो तक वह लॉक हो जाता है|

डिविडेंड रीइंवेस्टेड या ग्रोथ- डेब्ट फंड्स | Dividend Reinvestment or Growth- Debt funds

डेब्ट फंड्स में ग्रोथ और डिविडेंड-रीइंवेस्टमेंट में फरक है क्योंकि डेब्ट फंड्स में डिविडेंड पे २८.३३% टैक्स लगता है और डेब्ट फंड पे आपके टैक्स स्लैब रेट से टैक्स लगाया जाता है (यदि आप ३ साल के पहले पैसे निकलते है)| इसीलिए, अगर आप ३०.९% (सेस को मिलके) के हाईएस्ट टैक्स में गिने जाते है तो डिविडेंड रीइंवेस्टमेंट ऑप्शन आपके लिए सही माना जायेगा|
यदि आपको ३ साल से ज़्यादा समय केलिए निवेश करना हो तो ग्रोथ ऑप्शन चुन सकते है क्योंकि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स २०% लगाया जाता है|

 

भाग ३- म्यूचुअल फंड के प्रकार

 

 

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